रविवार, 16 नवंबर 2008

मन पंछी है, पंछी कि तरह नील गगन उड़ जाऊ मैं।
कोई न रोके कोई न टोके, कोई न मुझको कैद करे ॥
अब शोर मचाये मन मेरा , किसी और दिखा दे मुझे उजेरा ।
साँझ ढले न लौटू अब घर , जो मिल जाए कोई सवेरा ॥
एक लड़की जो खुले आकाश मै स्वतंत्र होकर उड़ना चाहती है । पर उसके लिए इतने अंकुश है कि वो अपने पंखो को पूरा खोलकर नहीं उड़ सकती क्योकि उसे दुनिया का डर सताता है कंही कोई उसे देख न ले । उसके लिए पहला डर उसके परिवार से है और उस परिवार को भी अपने समाज से । चलो घर मै वो अपने पंखो को पूरा खोलती भी है पर ये दुनिया उसे स्वछंद आकाश मै नहीं उड़ने देगी । पता नहीं इस छोटी सी चिडिया पर कौन गिद्ध आकर अपनी चोंच मार दे । फिर तो उसका पंख खोलकर न उड़ना ही अच्छा है । ये बैचैनी उस लड़की कि है जो करना तो बहुत कुछ चाहती है पर कर नहीं पाती। उसे हमेशा एक नए सबेरे की तलाश होती है ।

24 टिप्‍पणियां:

  1. पर उसके लिए इतने अंकुश है कि वो अपने पंखो को पूरा खोलकर नहीं उड़ सकती क्योकि उसे दुनिया का डर सताता है
    SATY ABHIVYAKTI

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  2. sashakt satya ........
    bahut hi katu prhaar kiya hai samaj ki soch par.....
    bahut khub likhte rahiye.......

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  3. Dear Friend,

    ज़िन्दगी की चाहत ही अपने आप में एक बहुत बड़ी खुशबु है .
    दुनिया उतनी ख़राब भी नही है ,कि; आप अपनी उड़ान को थामने की सोचें .
    मेरी दुआ है कि ,आप अपने मन की मानिये ..

    आपकी लिखी हुई ये पंक्तियाँ मुझे बहुत अच्छी लगी .
    " मन पंछी है, पंछी कि नील गगन उड़ जाऊ मै।
    कई न रोके कोई न टोके, कोई न मुझको कैद करे ॥
    अब शोर मचाये मन मेरा , किसी और दिखा दे मुझे उजेरा ।
    साँझ ढले न लौटू अब घर , जो मिल जाए कोई सवेरा ॥ "

    May GOD bless you .

    Regards

    Vijay
    www.poemsofvijay.blogspot.com

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  4. niharika ji, apne thik likha hai ki ek ladki unmukt hokar udana chahati hai lekin samaj me itane giddh hai ki bharosa nahi kiya ja sakta. bilkul sahi bat. magar mera ye manana hai ki ap duniya ko jis chasme se dekhana chahati hai. vaisa hi apko dikhega. samaj me sare giddh hi nahi hai kai jatayu bhi hai. jo kisi anjan ka bhi bhala karane ki kuvvat rakhte hai. dekhiye mai ye manata hun ki ladkiyon ke liye jyada bandhan hai. magar jab ap bandhan todane ka sankalp kar lengi to koi kuchh bhi nahi bolega. jaisa ke kai mahan hastiyon ne pahle bhi kiya hai. thoda jokhim jyada hai lekin rasta band nahi hai. himmat aur lagan ke sath apne prati imandari bartane se har ladki asman me unmukt hokar udane ki chhamata rakhati hai. tab hum khusi se chilla uthate hai ke..dekh woh niharika ja rahi hai. us samay samaj apki ijjat karega. sabse badi bat hai apne prati imandar hona na ki samaj ke prati.....DHANYABAD

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  5. एक कड़वा सच !
    अगर आप वर्ड वेरिफिकेशन हटा देन तो कमेन्ट देने वालों को आसानी होगी

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  6. निहारिका ब्लॉग के इस मायावी संसार में स्वागत है. अभिव्यक्ति अच्छी है ब्लॉग को सजाने सवारने में थोड़ी रचनात्मकता और दिखाओ. हेडर हिंदी में बनाओ और कुछ ब्लोग्स के लिंक भी अपने ब्लॉग में जोड़ो. बरहाल बहुत - बहुत बधाई

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  7. सहमत हूं मैं आपसे. एक लड़की खुलकर कुछ नहीं कर सकती. यह गलत है, समाज को यह बताने की पहल भी आपको ही करनी होगी। लिखती रहें, अच्छी कोशिश है।

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  8. मैंने मरने के लिए रिश्वत ली है ,मरने के लिए घूस ली है ????
    ๑۩۞۩๑वन्दना
    शब्दों की๑۩۞۩๑

    आप पढना और ये बात लोगो तक पहुंचानी जरुरी है ,,,,,
    उन सैनिकों के साहस के लिए बलिदान और समर्पण के लिए देश की हमारी रक्षा के लिए जो बिना किसी स्वार्थ से बिना मतलब के हमारे लिए जान तक दे देते हैं
    अक्षय-मन

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  9. अपने जीवन के अनुभव यूँ ही लिखती रहो क्योंकि ये सच है कि तुम लिखती बहुत अच्छा हो और इतना अच्छा वही लिख पते है जो दिल से उसे महसूस करते हैं जिसे वो लिखते हैं, तो हमेशा लिखती रहो ऐसे ही बिना रुके बिना थके मेरी शुभकामनायें तुम्हारे साथ हैं........

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  10. हमारी प्रतिक्रिया सदैव पाएँगी...
    नया सवार हमेशा पा लें...
    --मीत

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  11. अपने ब्लॉग से प्लस यह वर्ड वेरिफिकेशन हटा दें
    टिप्पणी देने मैं सुविधा होगी...

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  12. क्या बात है!!!

    स्वागत है ब्लॉगजगत में आपका!!!

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  13. वर्तमान समय में बच्चियों की जो स्तिथि है उसका सही चित्रण है /लेखन प्रभावशाली है

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  14. Dil ki baat kehna apne aap mein ek takat hai.....aapme vo shakti hai ...vo jajba hai... likhti rahiye......badhai

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  15. niharika ji,
    bahut badhiya likha hai apane.
    ladhana aur sngharsh ke bina jeevan ki sarhtakta nahin hai. ladaki ko pankho ko poora kholakar hi udana hoga. pankhon ke sath use honsalon se jyada udana hoga. badhai.
    mere blog par bhi padharen.

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  16. bahut achchha. ye aapke saral man bahut hi bhavuk abhivyakti hai. aap tasveer me jitni sundar dikhati hai, vicharo me bhi vaisi hi hai.

    aap likhiye, aur is nirjeev ho chuki patrakarita ko ek urja pradaan kijiye.

    shubhkamnaye.

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  17. मन पंछी है, पंछी कि नील गगन उड़ जाऊ मै।
    कई न रोके कोई न टोके, कोई न मुझको कैद करे
    ***FANTASTIC


    PLEASE VISIT MY BLOG...........

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  18. Mera manna hai....aagar aapne udne ki soch hi li to phir dar kahe ka......Just GO for It???
    Naye saal ki Nayi Nayi Shubhkamnayen.....mere blog par aapka swagat hai......

    Jai Ho Magalmay Ho...

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  19. यह एक प्रतिक्रियावादी सोच है !

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