भगवान के प्रति भक्ति प्रकट करने का सर्वोत्तम प्रकार है सेवा-भाव
-
संघ शताब्दी वर्ष : श्रीगुरुजी की दृष्टि में आध्यात्मिक साधना है सेवा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहचान केवल शाखा पर खेलने एवं कदमताल करने वाले
संगठन के रूप ...
1 हफ़्ते पहले

कमजोर होने की जरुरत नहीं... मजबूती के साथ अपने कदम बढाओ... हम सही हैं तो किसी बात की चिंता नहीं करनी चाहिए... सच को आंच नहीं आती....मजबूत बनो और आगे बढ़ो...
जवाब देंहटाएं♥
जवाब देंहटाएंनिहारिका जी
अपने मन के भावों को शब्दों में ढाल कर एक छोटी-सी कविता का रूप दें … और ब्लॉग पर डालें :)
हां, पढ़ने के लिए बुलाएं ज़रूर …
क्योंकि
जाल पर कहीं और उलझे रहे तो आप तक आने में विलंब न हो जाए …
आपको भी हमारे यहां आने का आमंत्रण है …
आपको सपरिवार
नवरात्रि पर्व एवं दुर्गा पूजा की बधाई-शुभकामनाएं-मंगलकामनाएं !
-राजेन्द्र स्वर्णकार
Hi nice blog i liked your great experience thanks Blogger Tricks
जवाब देंहटाएं